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Role of vitamin D in human body- विटामिन डी की कितनी मात्रा आवश्यक है

Vitamin D for health

विटामिन डी वसा में घुलनशील विटामिन है विटामिन ए की तरह ही विटामिन डी भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है विटामिन डी हमारे शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ावा देता है जो तंत्रिका तंत्र के ठीक से काम करने और हड्डियों को मजबूती प्रदान के लिए आवश्यक होता है मुख्य रूप से विटामिन  D 2 प्रकार का होता है विटामिन D2 और D3 विटामिन  विटामिन डी 3 केवल पशु-सोर्स वाले खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जबकि डी 2 मुख्य रूप से पौधे पौधों से प्राप्त होने वाले खाद्य पदार्थ में पाया जाता है
Vitamin D


विटामिन डी के फायदे/ benefit of Vitamin D


  • विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के स्तर को कंट्रोल करता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।
  • यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है, साथ ही उच्च रक्तचाप के खतरे को भी कम करता है। 
  • विटामिन डी अच्छे प्रतिरक्षण तन्त्र के साथ स्वस्थ शिशु के विकास में सहायक है। यह समय पूर्व के जन्म से भी बचाता है। 
  • विटामिन डी3 फायदेमंद होता है. ये स्क‍िन को यूवी किरणों से सुरक्षित रखने का काम करता है. सूर्य की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत है. लेकिन दोपहर की धूप नहीं, सुबह की धूप फायदेमंद होती है. इससे चर्म रोग होने का खतरा भी कम हो जाता है.
  •  विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा से गिरने, फ्रैक्चर, उच्च रक्तचाप और टाइप-1 मधुमेह से होने वाली चोटों के खतरों को कम करता है। . 
  • विटामिन डी घाव भरने में भी सहायक है 
  •  महिलाओं में पीरियड्स और गर्भावस्था के दौरान विटामिन डी बहुत ही जरूरी होता है।

विटामिन डी की कमी से होने वाले नुकसान/deficiency of Vitamin D


  • विटामिन डी की कमी से हमारे शरीर में विभिन्न संक्रामक रोगों के होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है 
  • इसके अभाव में हड्डी कमजोर होती हैं व टूट भी सकती हैं, साथ ही इसके अभाव से हड्डियों की नरमाई बढ़ जाती है। 
  • विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है। 
  • मधुमेह की बड़‌ी वजह मोटापा है यह तो आप जानते हैं लेकिन क्या आपको यह भी पता है कि मोटापे के साथ-साथ विटामिन डी की कमी भी इस रोग के लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारकों में से एक है
  • इसकेअलावा विटामिनडीकीकमीअवसाद,पीठदर्द,मोटापा,ऑस्टियोपोरेसिस, मल्टिपल स्केलेरॉसिस, मसूढ़ों के रोग, प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम, दमा, ब्रान्काइटिस, तनाव और मधुमेह  स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं। 

Vitamin D ki kami see nukshaan


विटामिन डी की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए खतरा side effect of overdose of Vitamin D


  • विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह विटामिन डी की कमी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है वैसे ही विटामिन डी की अधिकता भी हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है इसीलिए हमें विटामिन डी की कमी महसूस होने पर डॉक्टर के परामर्श से ही विटामिन डी के टैबलेट और सप्लीमेंट लेने चाहिए
  •  विटामिन डी की ओवरडोज से आपके मुंह में खुश्की, थकान, कमजोरी और सिरदर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
  •  विटामिन डी की अधिकता से शरीर के विभिन्न अंगों, जैसे गुर्दों में, हृदय में, रक्त रक्त वाहिकाओं में और अन्य स्थानों पर, एक प्रकार की पथरी उत्पन्न हो सकती है।
  •  ये विटामिन कैल्शियम का बना होता है  इसके द्वारा पथरी भी बन सकती है। 


विटामिन डी के स्रोत/ resource of Vitamin D


  • यह हम सभी को पता है कि विटामिन डी सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है इसलिए हमें प्रतिदिन विटामिन डी लेने के लिए कुछ देर सूरज की रोशनी में बैठना चाहिए 



  • विटामिन डी पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में फैटी मछली जैसे मछली जैसे Salman, , टूना और सार्डिन शामिल हैं।मछली में उच्च मात्रा में फैटी एसिड होते हैं।
  • विटामिन डी की कमी होने पर गाजर खाना भी फायदेमंद होता है. गाजर खाने से बेहतर होगा कि आप गाजर का जूस पिएं. 
  •  मशरूम में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में पायी जाती है। 
  • दूध या इससे बनी चीजों को खाने में इस्तेमाल करना चाहिए। दूध में कैल्सियम और विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में होता है
  • कॉड लिवर में भी विटामिन डी भरपूर मात्रा होता है. इससे हड्ड‍ियों की कमजोरी दूर होती है.



विटामिन डी की कितनी मात्रा आवश्यक है/ dose of Vitamin D


AgeMaleFemalePregnancyLactation
0–12 months*400 IU
(10 mcg)
400 IU
(10 mcg)
1–13 years600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
14–18 years600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
19–50 years600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
51–70 years600 IU
(15 mcg)
600 IU
(15 mcg)
>70 years800 IU
(20 mcg)
800 IU
(20 mcg)
International Units (IUs) and micrograms (mcg)

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