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करे योग रहे निरोग --YOGA AND MEDITATION healthy body and healthy mind

yoga and meditation

म सभी योग और इसके महत्व  से परिचित  है | आज सबसे ज्यादा  money के बाद सर्च किया जाने वाला topic  योग  है |योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है l आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |योग हमारी भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम पहचान है। संसार की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद में कई स्थानों पर यौगिक क्रियाओं के विषय में उल्लेख मिलता है। भगवान शंकर पहले योगी माने जाते हैं इसके बाद ऋषि मुनियों ने इसका प्रचार प्रसार किया  इसके पश्चात पतंजली ने इसे सुव्यवस्थित रूप दिया।    सभी  इसके बारे  में बहुत कुछ जानते है  की हम कैसे daily life  में योग को शामिल करके एक healthy life  जी सकते है | हमे सिर्फ थोड़ा active और सजग होने की ज़रूरत  है |आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अनेक ऐसे पल हैं जिसमें हम निराश और खुद को थका  हुआ महसूस करते हैं । हमारे आस-पास ऐसे अनेक कारण विद्यमान हैं जो तनाव, थकान तथा चिड़चिड़ाहट को जन्म देते हैं, जिससे हमारी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऐसे में जिंदगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिये योग एक ऐसी रामबाण दवा है जो,Mind and  body  को फिट रखता हैं।   
योग  जिसे आजकल मॉडन भाषा  मे Yoga कहा जाता। योग को न तो किसी परिभाषा मे बाँधा जा सकता है न ही  लिखा जा सकता हैं इसे केवल अनुभव किया जा सकता हैंचित्त कि वृत्तियों का निरोध ही योग है।योग चित्त यह पंतजलि योग का दिृतिय सुत्र हैं जिसमें मन यानी चित्त सभी प्रकार की चिंताओं से मुक्त होकर शान्ति की अनुभूति करता है।योग कि अलग अलग परिभाषाओ  से ग्रन्थ  भरे पड़े  है लेकिन योग का महत्व  वही जान सकता है जिसने इसका अभ्यास  किया हो ,जो इससे मिलने वाले सुख से परिचित हो
"We can never obtain in the peace in the outer world until we make peace with ourselves "- DALAI LAMA
योग एक अभ्यास 


healthy morning 
योग का मुख्य उद्देश्य चेतना का विकास हैं योग शरीर और मन का विज्ञान है।अर्थात YoGA CHITTA VRTTI NIRODHA means "controlling the modification of mind" इसका मतलब है कि हमारा दिमाग दिनभर बाहरी चीजों से प्रभावित होता रहता है न जाने  कितने और कैसे कैसे ख्याल चलते रहते हैं। अपने मन को इन्हीं बाहरी प्रभावों से मुक्त रखना ही योग है। जिसने अपने विचारों को control करना सिख लिया उसने योग का असली मतलब जान लिया | ।योग एक आध्यात्मिक अनुशासन है जो सूझ्म  विज्ञान पर आधारित है जो शरीर और मन के बीच मे सामंजस्य स्थापित करता हैं।
आज के आधुनिक दौर मे योग को सिर्फ Physical Exercise का नाम दिया जाता है जबकि Physical Exercise तो योग का एक छोटा सा आजकल की भागती दौडती जिन्दगी मे किसी के भी पास टाइम नहीं है वो योग के आसनो का अभ्यास करके खुद को स्वस्थ रख सके ऐसे मे यदि लोग अपने लिए 15 से 20 मिनट भी निकाल पाये तो खुद को चुस्त दुरुस्त रख सकते है। योग के बहुत सारे आसन है लेकिन इतने कम समय मे उन सारे आसनो का अभ्यास संभव नहीं है ऐसे मे सूर्य नमस्कार योग का एक ऐसा अभ्यास है जो अपने आप मे 12 आसनो का सम्मिश्रण हैं कहते है यदि व्यक्ति रोज 15से 20 मिनट सिर्फ सूर्य नमस्कार कर ले तो वह योग से होने वाले सम्पूर्ण लाभ पा सकता है.(
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यह स्वाश नली, फेफड़ों को मजबूर करता है  शरीर गठिला चुस्त और  बनता हैं,पेट की चर्बी घटाता है रीढ़ की हड्डी को मजबूर करता हैं ।यह एक ऐसा आसन हैं जो सम्पूर्ण शरीर को लचीला  बनाता है।
पाचन तंत्र मजबूत होती है,तनाव से मुक्ति मिलती है ,सिर से लेकर पैर तक blood circulation अच्छा रहता है

जाने  Meditation का महत्व  और पाए तनाव से मुक्ति   

Meditation भी योग का ही हिस्सा है। | आजकल ध्यान यानि मेडिटेशन का प्रचार हमारे देश से भी ज्यादा विदेशों में हो रहा है आज की भौतिकता वादी संस्कृति में दिन रात भाग दौड़, काम का दबाव, रिश्तो में अविश्वास आदि के कारण तनाव बहुत बढ़ गया है | ऐसा स्थिति  में मेडिटेशन से बेहतर और कुछ नहीं है।आज के समय में 


योग से भागे रोग 
बच्चा बूढ़ा जवान प्रत्येक व्यक्ति तनाव से गुजर रहा है ।बच्चो को पढ़ाई की टेन्शंन ,युवा को करियर की टेन्शंन व्यस्क को घर परिवार चलाने की टेन्शंन और बुजुर्ग को बुढ़ापे की चिन्ता ।
इन सब परेशानियों से बचने के लिए लोग कई अलग अलग तरीकों का इस्तेमाल करते है जैस म्यूजिक ,गेम, कार्टून टी वी, कई लोग तो टेन्शंन से बचने के लिए नशीले पदार्थों का सेवन करने लगते हैं।लेकिन योग ने हमें मेडिटेशन जैसा तरीका भी दिया है ।जिसका प्रयोग करते तनाव से छुटकारा पाया जा सकता है।  ध्यान से मानसिक तनाव दूर होकर गहन आत्मिक शांति महसूस होती है, कार्य शक्ति बढती है ,नींद अच्छी आती है | मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है। लेकिन इससे पहले हमें यह समझना जरूरी है की मेडिटेशन क्या हैं ,मेडिटेशन अर्थात ध्यान लगाना यदि आध्यात्मिक दृष्टिकोण की बात कि जाए तो बाहरी दुनिया से निरस्त होकर स्वयं को जानने ,समझने की प्रक्रिया   ही  ध्यान  है  ।ध्यान से आंन्तरिक ऊर्जा का विकास होता हैं ध्यान से मन के भटकाव को रोक कर मन की पूरी  शक्ति का प्रयोग अपने उद्देश्यों की प्राप्ति मे किया जा सकता हैं। यह बात तो हम सभी जानते है कि ध्यान कैसे करते है लेकिन सिर्फ सामान्य अवस्था मे बैठकर आँखें बन्द कर लेना ही ध्यान नहीं हैं।
ध्यान 

 कैसे करे ध्यान   - ध्यान करते वक्त हमें अपने मन को पुरी तरह शान्त करना होता  मन के भटकाव को रोककर एक बिन्दु पर फोकस करना।ध्यान करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी एक ऐसी जगह का जहाँ ज्यादा शोरगुल ना हो वैसे तो ध्यान कहीं भी किया जा सकता है कुर्सी पर,जमीन पर,आसन पर बैठकर आदि।ध्यान करते समय आपका पूरा फोकस अपनी स्वास पर होना चाहिए आपको अपनी साँस अन्दर जाती हुई और
 बाहर आती हुई महसूस होनी चाहिए ।ध्यान करते समय हमारे मन मे बहुत सारे ख्याल आते हैं
 जिसे हमें रोकना होता हैं लेकिन हम इन विचारों को जितना मन में आने से रोकेगे यह और तेजी से आएँगे 
।इसलिए हमें इन्हे रोकने के लिए बहुत प्रयास नहीं करना हैं।धीरे धीरे अभ्यास से हमारे मन मे
 विचार आने कम होने लगेगा मन स्वतः ही भटकाव की स्थिति से एकाग्रता की ओर बढ़ने लगेगा।
और फिर एक ऐसी स्थिति आयेगी जहाँ हमारा मन पूरी तरह एकाग्रचित् हो  जायेगा 
मेडिटेशन योगा कि वह स्टेज हैं जिससे आन्तरिक मन को जागृत कर सकते हैऔर अपने निगेटिव
 thought को positive thought मे बदल सकते | 
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