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Junk food - how to avoid junk food and stop eating

Addiction of  junk food 
Junk food  का स्वाद किसे अच्छा नहीं लगता एक बार जुबां पर चढ़ जाए तो जल्दी नहीं उतरता।आजकल जंक food खाना fashion बन गया हैं बच्चे से लेकर बूढें तक हर कोई जंक food का दिवाना है  ।आमतौर पर, जंक फूड देखने में बहुत ही आकर्षक और स्वादिष्ट लगते हैं।जंक फूड शब्द का अर्थ उस भोजन से है, जो स्वस्थ शरीर के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है। इसमें पोषण की कमी होती है और शरीर के तंत्र के लिए हानिकारक होता है। ज्यादातर जंक फूड में high calories ,saturated fatऔर bad cholesterol होते हैं, जो स्वास्थ के लिए जहर होते हैं। इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है इसलिए आसानी से कब्ज और अन्य पाचन संबंधी बीमारियों का कारण बनते हैं। जंक फूड ने अच्छे स्वाद और आसानी से पकने के कारण बहुत अधिक प्रसिद्धि प्राप्त कर ली है। बाजार में पहले से ही बने बनाये junk food  पॉलिथीन में पैक होकर उपलब्ध हैं। बहुत से लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या या भोजन पकाने की अज्ञानता के कारण इस तरह, के पैक किए गए जंक फूड पर निर्भर रहते हैं। अब जंक फ़ूड हर गली-मोहल्ले में मिलने लगा हैं  जंक फ़ूड के कुछ मुख्य उदाहरण हैं cold drinks noodles,burger,pizza chips cake chocolate ice cream cookies fried chicken french fried  आदि। 
attrective junk food

 ऐसे ही और कई प्रकार के जंक फ़ूड आज हर जगह मौजूद हैं। इनमे से किसी भी प्रकार के  पौष्टिक तत्व नहीं है जिससे शरीर को कुछ लाभ मिले।। जंक फूड शब्द का अर्थ उस भोजन से है, जो स्वस्थ शरीर के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है। इसमें nutrition की कमी होती है और शरीर के  लिए नुकसानदायक होता है। junk का मतलब कचरा होता है ऐसी चीजें जो बेकार है , useless हैं यानी हम ऐसे खाने के पीछे भाग रहे हैं जो किसी भी तरीके से हमारे लिए फायदेमंद नहीं हैं। सिर्फ नुकसान ही नुकसान है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मोटापे की समस्या काफी लोगों को परेशान कर रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में मोटापे लोगों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हुई है. वहीं भारत में 46 मिलियन यानी 4.6 करोड़ लोग मोटापे से ग्रस्त हैं. इसके अलावा मधुमेह की बीमारी भी भारत के लोगों में पाई जाने लगी है. ऐसा खाना हमें  पूरी तरह से तृप्ति नही देता इससे हमारा मन भर जाता हैं पेट नहीं । बहुत सारे लोग junk food के लिए addiction हैं ऐसे लोग healthy खाना खाने के बजाय junk food पर ही निर्भर रहते हैं।पूरे संसार में जंक फूड का उपभोग दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है, जो भविष्य के लिए अच्छा नहीं हैं जंक फूड स्वास्थ्य के लिए हमेशा हानिकारक होते हैं अब सवाल  यह उठता है कि, सच्चाई जानने के बाद भी सभी लोग जंक फूड खाना क्यों पसंद करते हैं? जंक फूड का स्वाद अच्छा होता है और ये दिखने में भी अच्छे होते हैं। जंक food को बनाने मे ऐसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है जो इसे बहुत testy बना देते हैं जैसे - Palm oil ,white flour,pasta,bread high fructose,corn syrup,artificial sweeteners,sodium benzoat,potassium benzoat,sodium nitrate,monosodium glutamate etc. सी test और look के कारण इसने हर किसी की जिंदगी मे अपनी जगह बना ली हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जंक फूड के कारण सबसे ज्यादा हार्ट प्रॉब्लम होती है और इसके अलावा ऐसी कई लाइलाज और खतरनाक बीमारियां हैं जो जंक फूड  के कारण होती
Harmful effects of eating junk food

#1 जंक फूड में suger और fat  की काफी अधिक मात्रा होती है, जिससे कैंसर, हार्ट प्रॉब्लम जैसी गंभीर बीमारियों की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है.आलू के चिप्स, फ्रेंच फ्राइज और पिज्जा जैसे जंक फूड में सोडियम अधिक मात्रा में पाया जाता है.। शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि हर 500 मिलीग्राम सोडियम का सेवन करने से स्ट्रोक का खतरा 17 प्रतिशत बढ़ जाता है।ज्यादा से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करने वाले लोगों में 80 फीसदी दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है

#2 जंक फूड में नाइट्रेट और नाइट्राइड्स मौजूद होते हैं, जिनके कारण सरदर्द की समस्या या माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। किशोर वर्गों में जंक फूड खाने का चलन बहुत ज़्यादा होता है। इससे उनके शरीर के हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। फलस्वरूप स्वभाव में बदलाव और मन के भाव के बार-बार बदलाव (mood swings) होने लगता है।ब्रेन के हेल्दी फैट के जगह पर बैड फैट जगह ले लेता है ।जो लोग फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, वे उन लोगों की तुलना में अवसाद विकसित करने की 51 प्रतिशत अधिक संभावना रखते हैं जो उन खाद्य पदार्थों को नहीं खाते हैं या बहुत कम खाते हैं।

#3 junk food मे high calories  होती हैं . जिसके कारण इनके सेवन से हमारे शरीर की कैलोरी बढ़ जाती है, जो कि आगे चलकर हमारे शरीर का वजन बढ़ा देता है. वहीं दुनिया की अधिकतर आबादी इस वक्त बढ़ते वजन से ही परेशान हैं. अगर आप प्रत्येक दिन 500 कैलोरी लेते हैं तो सिर्फ एक हफ्ते में आपके वजन में वृद्धि हो जाएगी. मोटापा श्वास की समस्याओं के जोखिम को बढ़ाता है, जिसमें अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ आदि शामिल है वहीं वजन बढ़ने से अन्य बीमारियां होने की भी संभावना बनी रहती हैं, जैस की घुटनों की समस्या होना, सांस फूलना और इत्यादि.।

#4 junk food  आपके प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि प्रोसेस्ड फूड में phthalate शामिल होते हैं  फथालेट्स रसायन हैं जो आपके शरीर में हार्मोन कैसे कार्य करता है बाधित कर सकता है। इन रसायनों के उच्च स्तर के एक्सपोजर से जन्म दोष सहित प्रजनन संबंधी मुद्दों का कारण बन सकता है। 


संख्या
(प्रति 100 ग्राम)
कैलोरी
1
चॉकलेट शेक 
119
2
पिज्जा
266
3
ब्रेड
265
4
बर्गर
295
5
चिप्स
312
6
कोक
140
7
फ्रेंच फ्राइज
312
8
समोसा
308
9
पराठा
260
10
चीज
3


#5 junk food आपके भूख को तो मिटाते हैं लेकिन इसमें ज़रूरी प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेड बिल्कुल नहीं होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। रोजाना  जंक फूड खाने से आपके शरीर की ऊर्जा खत्म होने लगती हैं जिसके फलस्वरूप आप थकान महसूस करने लगते हैं।  शरीर को सेहतमंद रखने के लिए विटामिन युक्त चीजों का सेवन करना काफी जरूरी होता है. वहीं जंक फूड में विटामिन और खनिज ना की मात्रा में पाए जाते हैं. ऐसे में अगर कोई केवल जंक फूड पर ही निर्भर रहता है. तो उसके शरीर में विटामिन की कमी आ सकती है।


#6 junk food और प्रोसेस्ड फूड में कार्ब carbऔर sugar आपके मुंह में acid बढ़ा सकती है। ये एसिड tooth enamel को  नष्ट कर सकती है। चूंकि tooth enamel  न होने की वजह से बैक्टीरिया दांतों पर अटैक करती है और कैविटी का निर्माण करती है।
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#7 जब आप हेल्दी फूड खाते हैं तब शरीर को ग्लूकोज़ मिलता है जो इन्सुलिन को नियंत्रित रखता है। लेकिन जब चयापचय का स्तर प्रभावित होता है तब शरीर इन्सुलिन का इस्तेमाल अच्छी तरह से कर नहीं पाता है. फलस्वरूप डाइबीटिज होने का खतरा बढ़ जाता है।हमारे देश में जहां पहले मधुमेह की बीमारी बुजुर्गों को हुआ करती थी. वहीं अब इस बीमारी का शिकार बच्चे भी बनते जा रहे हैं. वहीं बच्चों को ये बीमारी होने का मुख्य कारण उनके द्वारा खाया जाने वाला खाना है. कई तरह के सर्वे में ये पाया गया है कि जो बच्चे अधिक जंक फूड का सेवन करते हैं, उन्हें मधुमेह बीमारी होने के काफी अधिक आशंका रहती है. इतना ही नहीं इस वक्त दुनिया में काफी बच्चे type 2 diabetes के शिकार हैं, जो कि काफी चिंता का कारण हैं. एक बार मुधमेह की बीमारी जिसको घेर लेती हैं, वो पूरी उम्र तक इससे ग्रस्त रहता है. इतना ही नहीं ये बीमारी अन्य तरह की बीमारियां होने का भी कारण बनी हुईं हैं।
                              
#8  जंक फूड खाने से digestion system कमजोर होने के साथ-साथ पेट की गड़बड़ी की समस्या daily life का हिस्सा बन जाता है। क्योंकि जंक फूड एक ही तेल में बार-बार डीप फ्राइ किया जाता है। यह तेल पेट में जाकर जमा हो जाता है और इसमें फाइबर की मात्रा शुन्य के बराबर होने के कारण हजम करने में भी मुश्किल होता है। 

#9 इसमें जो. Trance fat  होता है वह लीवर में जम होता है जिसके फलस्वरूप लीवर के सामान्य कार्य में बाधा उत्पन्न होती है। शोधों से पता चला है कि जो बच्चे pizza cold drinks, biscuits burger etc junk food का ज्यादा सेवन करते हैं लीवर से संबंधित रोग होने का खतरा ज्यादा होता हैं इस तरह के खाने मे मौजूद fructose लीवर की सेहत बिगड़ती हैं। 


#10 junk food खाने से हड्डियों का विकास ठीक तरीके से नही हो पाता जिन महिलाओं को जंक food खाने की आदत ज्यादा होती हैं उनके  गर्भ मे पल रहे शिशु की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं ।
 How to avoid junk food -  जंक फूड से बचने के आसान तरीके  


शोधों के अनुसार, जंक फूड की लत तम्बाकू या नशे की लत की ही तरह होती है। यह समस्या सिर्फ युवाओं में ही नहीं बल्कि बच्चों में भी बढ़ती जा रही है। कई लोगों के लिए, जंक फूड पर आधारित आहार जीवन का तरीका बन गया है ।Junk food जिस तरीके से हमारे lifestyles का हिस्सा बना हुआ हैं उसे देखते हुए इससे छुटकारा पाना आसान नहीं है लेकिन यदि आप जकं फुड छोड़ना चाहते है और इसे एक उद्देश्य की तरह अपनी lifestyle  का हिस्सा बनाते है तो बेशक यह आसान हैं

#1  अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपने लिए एक diet plan बनाइये और उसमें उन बातों को लिखिए जो आपको junk food छोड़ने मे मदद करेंगी । इसमें उन healthy foods के नाम लिखे जो आपको बहुत पसंद हो । आपको किस समय कौन सी चीज खानी हैं इसको पहले से निर्धारित करिये।

#2  जकं  फ़ूड की लत को छुडाने के लिए पहला कदम यह है कि आप अपने स्वास्थ्य पर होने वाले इसके हानिकारक प्रभावों को स्वीकार करें एवं ऐसा व्यक्तिगत कारण खोजें जो आपको इससे दूर रहने में सहायता कर सके। इसे छोड़ने के लिए आपके पास क्या कारण है? क्या आप उच्च रक्तचाप से परेशान हैं? बढ़ता मोटापा? बढ़ती हुई कमर? एक बार आपको उपयुक्त कारण मिल जाने पर  आप में स्वयं ही इतनी इच्छाशक्ति उत्पन्न हो जाएगी जो आपको जंक फ़ूड से दूर रखने में सहायता करेंगे ।

#3. Freez मे processed  food रखना बंद कर दें उनकी जगह ताजे फल फलों से बना जूस health drink दें। अगर आपको मीठे खाद्य पदार्थ की लत हैं तो ताजे फल या छोटी सी मात्रा में ड्राई फ्रूट लें और अगर आपको नमकीन स्‍नैक्‍स खाने की आदत है तो आप मुट्ठी भर नट्स ले सकते हैं।

 #4  exercise को अपनी daily life का हिस्सा बनाइए जिसे करना आपको अच्छा लगता हो और आप आसानी से कर  सके जैसे यदि आपको चलना पसंद है तो सुबह एवं शाम की सैर आपको अपनी आदत बना लेनी चाहिए। यदि आपको dance  पसंद है तो कोई  dance class join  सकते हैं।  जिम जाना भी एक अच्छा विकल्प हैं।

#5  आप अपने खाने का समय निर्धारित करिये और खाने से एक घंटे पहले एक गिलास पानी पियें।बीच बीच मे भूख लगने पर आप फल या सलाद खाये अपने साथ आप कुछ मौसमी फलों ,dryfruits रखिए इस तरह ध्यान junk food की तरफ कम जायेगा।
#6 .अपना नजरिया बदलिये। घर मे बना हुआ  भोजन भी जंक फ़ूड की तरह स्वादिष्ट हो सकता है यदि इसे सही तरीके से पकाया गया हो। आप रूचिकर व्यंजनों एवं मसालों के साथ घर में बने हुए भोजन में भी स्वाद उत्पन्न कर सकते हैं। आपको पता भी नहीं चलेगा कि आप कब इसके आदी हो गए।


#7 आप सुबह का नाश्ता भरपेट  खाये नाश्ते मे अंकुरित अनाज जैसे  दालों के स्पार्उट्स में प्रोटीन और amino acids की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो आपकी बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ आपकी मसल्स भी बनाते हैं।  इसके अलावा दूध अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों  प्रोटीन, साबुत और कम  कार्बोहाइड्रेट जैसे खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करें । 
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#8 कहते हैं जिस काम को पूरा करने मे अपनों का साथ हो वह काम बहुत आसानी से और जल्दी पूरा हो जाता है।एक स्‍वस्‍थ विकल्‍प को अपनाने के लिए कई बार आप अकेले  हिम्‍मत नहीं जुटा पाते। इसके लिए दूसरों की मदद लेने में कोई बुराई नहीं। आप अपने दोस्‍तों और परिवार के अन्‍य लोगों की सहायता ले सकते हैं। वे आपको प्रेरित कर सकते हैं कि इस प्रकार का भोजन आपकी सेहत पर बुरा असर डाल रहा है और आपके लिए इसे छोड़ना ही बेहतर है।

#9   आपको अपने साथ बहुत सख्ती नही करनी हैं एक बार जब आप अपनी इच्छाओं पर पर्याप्त रूप से नियंत्रण पा लेते हैं तो आप महीने में एक या दो बार junk food  खा सकते हैं। आप संयम के साथ अभी भी जंक फ़ूड खा सकते हैं। हालांकि आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि इस प्रक्रिया में आपका ध्यान मुद्दे से न हट जाए। 

#10 बच्चे एक जैसा ब्रेकफास्ट कर बोर हो जाते हैं। इसलिए कोशिश करना चाहिए कि हर दिन ब्रेकफास्ट का नया मेन्यू हो। इसके लिए मॉम्स को एक्सपेरिमेंट्स करना चाहिए। जिससे बच्चों का स्वाद बना रहे। junk food को पसंद करने वालों मे बच्चों की संख्या ज्यादा हैं 
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